अंग्रेजी विभाग में साहित्य परिषद का गठन एवं अतिथि व्याख्यान का आयोजन: आज दिनांक 18 9.2026 को शा. दिग्विजय  स्वशासी पीजी कॉलेज राजनंदगांव में अंग्रेजी विभाग के द्वारा प्राचार्य डॉ सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन में एवं अंग्रेजी विभाग की विभागध्यक्ष डॉ अनीता शंकर के मार्गदर्शन में साहित्य परिषद का गठन किया गया। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय  खैरागढ़ से पधारे डॉ. कौस्तुभ रंजन मिश्रा, सहायक अध्यापक अंग्रेजी ने पदाधिकारियों को पद एवं कर्तव्य पालन की शपथ दिलाई ।  किशन कुमार हिरवानी अध्यक्ष तृतीय सेमेस्टर, गोपेश्वरी साहू प्रथम सेमेस्टर 
 उपाध्यक्ष , गुंजन रामटेक सचिव तृतीय सेमेस्टर,  सेजल साहू उपसचिव 
प्रथम सेमेस्टर एवं  प्रेरणा शुक्ला पंचम सेमेस्टर ने कोषाध्यक्ष पद की शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।   विभागध्यक्ष प्रो  अनीता शंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला साहित्यकारों के बिना किसी भी साहित्य का कोई अस्तित्व नहीं होता । साहित्य समाज का दर्पण होता है जिसमें महिलाओं की वास्तविक स्थिति का वर्णन किया जाता है। डॉ कौस्तुभ रंजन मिश्रा ने  "चेंजिंग रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ वीमेन इन इंग्लिश लिटरेचर"  विषय पर व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य से समाज में बदलाव आता है और प्रत्येक युग में महिला साहित्यकारों ने तमाम चुनौतियों के बाद भी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में महिला लेखिकाओं के संघर्ष, स्थान और साहित्यिक योगदान के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी साहित्य के प्रारंभिक वर्षों में महिला साहित्यकारों को अपना नाम बदलकर साहित्यिक रचनाएं लिखनी पड़ती थी। आफरा बेन,वर्जीनिया वुल्फ ब्रांट सिस्टर्स एवं जॉर्ज इलियट जैसी महिला साहित्यकारों और उनकी कृतियों का उल्लेख किया।  व्याख्यान के बाद मुख्य वक्ता ने छात्र-छात्राओं के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब दिया और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।  कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग  से सहायक प्राध्यापक  प्रो. मंजरी सिंह, श्रीमती मंजुला सोनी, तेजस छाबड़ा,  प्राची हिन्दम्बे   सहित स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन कु. तेजस छाबड़ा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आराधना गोस्वामी ने किया।