दिग्विजय कॉलेज बना सीतापुर (सरगुजा) के छात्रों के लिए कौशल विकास का केंद्र: केमिस्ट्री छात्रों की इंटर्नशिप सफलतापूर्वक संपन्न

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव ने प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के नेतृत्व, विभागाध्यक्ष यूनुस रजा एवं डॉ डाकेश्वर कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में  एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका सिद्ध की है। सीतापुर (जिला सरगुजा) के महाविद्यालय से आए रसायन शास्त्र के विद्यार्थियों ने यहां आयोजित इंटर्नशिप कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं प्रयोगात्मक दक्षता से सुसज्जित करना था, जिससे वे भविष्य में शोध, उद्योग एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

15 दिवसीय इंटर्नशिप के मेंटर डॉ डाकेश्वर कुमार वर्मा ने इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से रूबरू कराया। उन्हें विभिन्न विश्लेषणात्मक तकनीकों, जैसे टाइट्रेशन, क्रोमैटोग्राफी, स्पेक्ट्रोस्कोपी आदि के सिद्धांत एवं व्यवहारिक उपयोग से अवगत कराया गया। साथ ही, प्रयोगशाला उपकरणों के संचालन, रासायनिक अभिक्रियाओं की प्रक्रिया, नमूनों के परीक्षण तथा डेटा विश्लेषण की बारीकियों को विस्तार से समझाया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं प्रयोग कर सीखने की पद्धति के माध्यम से अपने ज्ञान और कौशल को और अधिक सुदृढ़ किया।

रसायनशास्त्र  के अनुभवी प्राध्यापकों, सीतापुर कॉलेज के डॉ रोहित बरगाह एवं रजिस्ट्रार श्री दीपक परगनिहा ने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने न केवल विषय संबंधी ज्ञान दिया, बल्कि प्रयोगशाला में सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा अनुसंधान नैतिकता के महत्व पर भी विशेष बल दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन और रोजगारोन्मुख कौशलों की भी जानकारी दी गई, जिससे वे वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में स्वयं को बेहतर ढंग से स्थापित कर सकें। इंटर्नशिप के समापन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिग्विजय कॉलेज निरंतर प्रयासरत है कि वह क्षेत्रीय एवं राज्य स्तर पर अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र के रूप में स्थापित हो। कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों के उत्साह, अनुशासन एवं सीखने की लगन की सराहना की। वहीं, विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह इंटर्नशिप उनके लिए अत्यंत लाभकारी रही। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें प्रयोगात्मक ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है, जो उनके भविष्य के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस प्रकार, दिग्विजय कॉलेज ने न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सिद्ध किया है, बल्कि कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी एक सशक्त एवं प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्रीय शैक्षणिक विकास को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।