प्राचार्य डॉ सुचित्रा गुप्ता के संरक्षण एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ अमिता बक्शी तथा HRDC की संयोजक डॉ पी वी टंक , IQAC संयोजक प्रोफेसर यूनुस रज़ा बेग के मार्गदर्शन में IAQC तथा HRDC कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में “उच्च शिक्षा में नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Ethical AI)” विषय पर 7 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर दिलीप कुमार साहू, शासकीय वी वाय टी पी जी महाविद्यालय से उपस्थित हुए. कार्यक्रम के शुरूवात सरस्वती वंदना के साथ प्रारम्भ हुई इसके पश्चात डॉ पी बी टंक HRDC संयोजक ने 07 दिवसीय कार्यक्रम के रूपरेखा के बारे में विस्तृत वर्णन किया. कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग, इसके प्रभाव तथा शैक्षणिक क्षेत्र में इसकी भूमिका से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न AI tools के बारे में जानकारी साझा करते हुए tools का उपयोग प्रयोग के माध्यम से समझाया गया , जिनमें प्रतिभागियों को AI के जिम्मेदार उपयोग, डेटा गोपनीयता, शैक्षणिक ईमानदारी तथा तकनीकी नैतिकता के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर शासकीय वायटी पीजी महाविद्यालय, दुर्ग के प्रख्यात प्रोफेसर डॉ. दिलीप साहू मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने “जनरेटिव एआई एवं उसके आधुनिक उपकरण” विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने Presenti AI, wayground quiz, Gamma AI टूल्स तथा डिजिटल शिक्षा में उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार इन तकनीकों का उपयोग करते समय नैतिक मानकों का पालन आवश्यक है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक/अतिथि व्याख्याता ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने इस FDP को अत्यंत उपयोगी एवं समसामयिक बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ प्रियंका सिंह, सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया|
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों द्वारा मुख्य वक्ता एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया |