नई शिक्षा नीति के अंतर्गत इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) के इतिहास विभाग द्वारा बी.ए. VI सेमेस्टर के विद्यार्थियों को राजनांदगांव जिला पुरातत्व संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह कार्यक्रम डॉ. सुचित्रा गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संग्रहालय में सुरक्षित प्राचीन मूर्तियों, सिक्कों, अस्त्र-शस्त्र, आदिवासी वीथिका तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि इन पुरातात्विक सामग्रियों के माध्यम से हमें अपने अतीत, संस्कृति और सभ्यता को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
प्रो. हिरेन्द्र बहादुर ठाकुर ने विद्यार्थियों को ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण, उनकी देखरेख की आवश्यकता तथा पुरातत्व संग्रहालय के शोध एवं अध्ययन में महत्व के बारे में जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को इतिहास का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ तथा उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित हुई। कार्यक्रम में इतिहास विभाग की प्रो. हेमलता साहू सहित 74 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।