Colorimeter एवं Double Beam Spectrophotometer पर विशेषज्ञों के व्याख्यान


शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय,राजनांदगाँव में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम “Advanced Laboratory Instruments for Higher Education Institutions” का षष्ठम दिवस दिनांक 11 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के कुशल नेतृत्व तथा IQAC के संयोजक प्रो. यूनुस रज़ा बेग के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आमंत्रित विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका सिंह, सहायक प्राध्यापक (रसायन शास्त्र), शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगाँव ने Colorimeter विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने Colorimeter के मूल सिद्धांत, संरचना ,प्रक्रिया  तथा कार्यप्रणाली ,सीमाये एवं अनुप्रयोग को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि इस उपकरण का उपयोग किसी घोल में उपस्थित पदार्थ की सांद्रता का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। व्याख्यान के पश्चात प्रतिभागियों को Hands-on Training भी प्रदान की गई, जिसमें उन्हें उपकरण के वास्तविक संचालन, मापन की विधि तथा प्रयोग के समय सावधानियों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विषय विशेषज्ञ प्रो. गुलाम मुस्तफा अंसारी, सहायक प्राध्यापक, शासकीय मॉडल कॉलेज सोमनी ने Machine Learning एवं Programming Language विषय पर व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में एआई के प्रकार,मशीन लर्निंग की मूल अवधारणा ,उनके प्रकार तथा वैज्ञानिक अनुसंधान में इसके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग कर तैयार किए गए मॉडल के माध्यम से soil moisture के विश्लेषण का उदाहरण भी प्रस्तुत किया, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के तृतीय सत्र में डॉ. ए. के. झा, सहायक प्राध्यापक, शासकीय शिवनाथ साइंस महाविद्यालय ने Double Beam Spectrophotometer विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने इस उपकरण के सिद्धांत, संरचना तथा कार्यप्रणाली  अनुप्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Double Beam Spectrophotometer का उपयोग विभिन्न रासायनिक पदार्थों के अवशोषण को मापने तथा उनकी सांद्रता निर्धारित करने के लिए किया जाता है, जो आधुनिक रासायनिक विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस सात दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण, शोधार्थी, लैब टेक्नीशियन तथा विद्यार्थी सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं और आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन प्रो. लिकेश्वर सिंहा, प्रो. हेमपुष्पा एवं प्रो. वंदना मिश्रा द्वारा किया गया। अंत में प्रो. रीमा साहू ने विशेष सहयोग के लिए रजिस्ट्रार दीपक परगनिया तथा श्रीमती मंजूषा बाजपेयी सहित सभी अतिथियों, प्राध्यापकगण, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।