दिग्विजय महाविद्यालय में " राष्ट्रीय बालिका दिवस "का आयोजन

शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव  के  समाज कार्य  विभाग एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में  " राष्ट्रीय बालिका दिवस "का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन तथा समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष  डॉ. ए .के . मंडावी के मार्गदर्शन में किया गया। बालिका दिवस के उपलक्ष्य में भाषण प्रतियोगिता कविता पाठ  एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया । नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि "बेटी को कभी भी मत समझो भार है जीवन का आधार "  ,"बेटी पर करें अभिमान जन्म होने पर करें सम्मान",   "बेटी है देश की पहचान वही माता-पिता है महान " विभिन्न स्लोगन  एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महाविद्यालय परिसर में समाज कार्य विभाग के  विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। प्राचार्य महोदया द्वारा  अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य समाज में बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। बेटियां समाज का आधार स्तंभ हैसृष्टि की सृजन करता हैदेश का भविष्य है। विभागाध्यक्ष डॉ.ए .के. मंडावी द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि आज समाज में विभिन्न स्तर पर सशक्त महिलाएं व बालिकाएं हैं । वहीं दूसरी ओर ऐसी बालिकाएं भी हैं जो आधारभूत सुविधाओं से वंचित है। शासन के द्वारा इस दिशा में समय-समय पर बहुत सी सुविधाओं को बालिकाओं के लिए प्रेषित की गई है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार से कोई असुविधा उत्पन्न ना हो जिससे कि उनके व्यक्तित्व का समुचित विकास संभव हो सके इन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस का  आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ ए.के. मंडावीडॉ. प्रियंका लोहियासुश्री तारणी साहूश्रीमती चित्रांशा राठौर  एवं श्रीमती शालिनी सोनी व समाज कार्य विभाग  के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे ।