Dr. B.N.Jagrit (H.O.D.)

// पत्रकारिता विभाग //

विभाग का प्रारंभ:-         सन् 2006

पाठ्यक्रम:-               BA(JMC) 6th semester

विभागाध्यक्ष:-             डाॅ. श्रीमती बी. नन्दा जागृत

प्राध्यापक:-

नाम षैक्षणिक योग्यता
श्री अमितेष कुमार सोनकर BJMC, M.SC(Electronic Media), M. PHIL (Media Studies)
कु.दीक्षा देषपांडे B.com, BJMC, MJMC

गतिविधियों

पत्रकारिता विभाग में शिक्षक सम्मान समरोह आयोजित

राजनांदगांव। स्वशासी दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में शिक्षक सम्मान एवं नवप्रवेशी छात्र-छात्रओं को स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह मुख्य आतिथी के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ.बीएन जागृत ने की। अतिथि प्राध्यापक अमितेश सोनकर व दीक्षा देषपांडे के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थीयों ने षिक्षको का सम्मान करने के साथ- साथ नव प्रवेषित विद्यार्थीयों का स्वगत किया। प्राचार्य डॉ.आरएन सिंह ने कहा कि सभी के जीवन में शिक्षक का अहम योगदान होता है। उन्होंने पत्रकारिता विभाग के संबंध में कहा कि जल्द ही विभाग के लिए कम्प्यूटर सेट, भवन सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। विभागाध्यक्ष डॉ.बीएन जागृत ने आशीर्वचन देते हुए पत्रकारिता विभाग में इस तरह के आयोजन के लिए खुशी जाहिर की। इस अवसर पर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.शंकरमुनी राय एवं अतिथि व्यख्याता डॉ.नीलम तिवारी, डॉ.गायत्री साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विभाग की छात्रा उपासना षर्मा और विभा सिंह ने किया।

मीडिया की कार्य प्रणाली से रूबरू हुए विद्यार्थी

राजनांदगांव। वर्तमान युग में मीडिया के क्षेत्र में बढ़ती सम्भावनाओं को देखते हुए दिग्विजय महाविद्यालय में संचालित पत्रकारिता विभाग के विधार्थियों को इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े रहने के लिए तथा कार्य करने के तरीके को जानने के उदद्ेष्य से रायपुर स्थित आईबीसी 24 न्यूज चैनल द्वारा एक माह के लिए इन्टर्नषिप का अवसर दिया गया। इस अवधि में छात्र – छात्राओं ने असाईनमेन्ट डेस्क, एडिटिंग डेस्क, लाईब्ररी, पीसीआर कक्ष, एमसीआर कक्ष, स्टुडियो में किस तरह कार्य किये जाते है इसको जानने व सिखने का प्रयास विषेशज्ञों के मार्गदर्षन में किया। महाविद्यालय  के 05 छात्र/छात्राए इन्टर्नषिप में षामिल हुए। इस दौरान छात्र/ छात्राओं ने खबरों के संकलन से लेकर प्रसारण तक की बारीकियों को जाना।

मीडिया मंथन संगोष्ठी में शामिल हुए पत्रकारिता के विद्यार्थीं

राजनांदगांव। दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में कुशाभाऊ ठाकरे जनसंचार एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर में 4-5 अक्टूबर को दो दिवसीय पत्रकारिता छात्र संगोष्ठी मीडिया मंथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में न्यूज 24 की संचालक अनुराधा प्रसाद, वरिष्ट पत्रकार रमेश नैय्यर, साकेत बहुगुणा, प्रधान संपादक हरिभूमि छत्तीसगढ़ हिमांशु द्विवेदी, संपादक दैनिक भास्कार छत्तीसगढ़ शिव दुबे ,अंतरष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रकार प्रभु चावला विश्विद्यालय के कुलपति डॉ.मानसिंग परमार एवं दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण मैशेरी ने छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अलावा पूरे मध्य भारत से शिक्षाविद पत्रकारिता जगत के लोग एवं पत्रकारिता के विद्यार्थी उपस्थित रहें। इस अवसर पर मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न विश्विद्यालयों सहित कुशाभाऊ ठाकरे जनसंचार एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर एवं सम्बद्ध महाविद्यालय के छात्रों ने सहभागिता की। इसी तारतम्य में शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के पत्रकारिता विभाग के 10 विधाथी विभागध्यक्ष डॉ.बीएन जागृत के मार्गदर्शन में विभाग के अतिथि व्याख्याता अमितेश सोनकर व दीक्षा देशपांडे के नेतत्व में संगोष्ठी में शोध विद्यार्थी के रूप में सम्मलित हुए एवं मीडिया के विभिन्न पहलुओ को समझने का प्रयास किया। संगोष्ठी में दिग्विजय महाविद्यालय से चंद्रहास सिन्हा, रोशन सोनवासी, निमिष अग्रवाल, नितिन कुमार, महिला सोनी, अंशु सिंह, अमर झा, इशुपाल, टिकेश्वर दास, पूजा डेकाटे ने शोध विद्यार्थि के रूप में सहभागिता दी।

 

आरक्षण के पक्ष और विपक्ष में बोले विद्यार्थी

 

राजनांदगांव। वर्तमान में आरक्षण होना चाहिए या नहीं इस विषय को लेकर शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में संचालित पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों द्वारा 28 अगस्त को ं वाद विवाद स्पर्धा का आयोजित किया गया।

 कॉलेज स्तर, प्रतियोगी परीक्षाओ की प्रवेश प्रक्रिया, अंडबार – नीकोबार द्वीप में  आदिवासी जाति की वर्तमान दशा, भारतीय संविधान में आरक्षण, जातिवाद, भारत की वर्ण व्यवस्था से जुड़ी बातों को पक्ष और विपक्ष द्वारा सबके समक्ष रखा गया। आरक्षण के पक्ष में रमन सोनवानी, अमित मेश्राम, नीतिन ठाकुर ने कहा कि दलितो पर हो रहे शोषण को रोकने, उन्हें समानता का अधिकार दिलाने हेतु संविधान में आरक्षण को शामिल किया गया, वहीं विपक्ष में महिमा सोनी, विभा सिंह, अंशु राजपूत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने उस समय की स्थिति को ध्यान रखते हुए दलितों को आरक्षण दिया  था, लेकिन आज कि वर्तमान स्थिति को देखकर आरक्षण की व्यवस्था मे सुधार लाने की जरूरत है। अंत में दोनो पक्ष इस निष्कर्ष मे पहुंचे की आरक्षण को पूर्णता खत्म नहीं किया जा सकता, उसके स्वरूप में फेर बदल किया जाना आवश्यक है। शिक्षा के स्तर मे सुधार होना चाहिए ताकि लोग आरक्षण को स्पष्ट रूप से समझते हुए उसका सार्थक समाधान निकाल सके। इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.बी.एन. जागृत ने बताया कि देश की वर्ण व्यवस्था में सुधार के चलते ही आरक्षण अस्तित्व में आया। अतिथि व्याख्याता अमितेश सोनकर ने कहा कि आज जो आरक्षण विषय पर चर्चा हुई, वह यहीं तक सीमित होकर न रह जाये बल्कि आगे आप जब कुछ बन जायें तो इस विषय पर अपना प्रयास जारी रखें।     कार्यक्रम में अतिथि व्याख्याता अमितेश सोनकर, दीक्षा देशपाण्डेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने सहभागिता दी।