Dr. Chandrika Nathwani ( H.O.D. )

DR. D. P. KURRE

DR. SUMITA SHRIVASTAVA

MRS. MEENA PRASAD

DR. MAHESH SHRIVASTAVA

—————- अर्थशास्त्र विभाग ———————–
(1)    स्थापना     –    UG    .    1957
PG    .    1969

(2)            विभिन्न कक्षा में छात्र संख्या (2015-16)
कक्षा                            छात्र        छात्रा        कुल
बी.ए.  I                        102        54          156
बी.ए.  II                         55        33           88
बी.ए. III                         70        36        106
एम.ए. I/II सेमेस्टर        26        14         40
एम.ए. III/IV सेमेस्टर    12        09        21

(3)    स्वीकृत पद संख्या = 05 (सत्र 2015-16 के अनुसार)

(4)    कार्यरत षिक्षकों की संख्या = 03 (सत्र 2015-16 के अनुसार)
Post                               ST        SC      OBC     GENERAL    कुल
नियमित    –                                01         –                02            03
अतिथि व्याख्याता            01       01         –                  –            02
कुल                                  01       02                           02           05

सत्र 2014-15 का परीक्षा परिणाम
कक्षा                           सम्मिलित    उत्तीर्ण    उत्तीर्ण का:
BA   I                              150          123        82 %
BA   II                            100           97         97 %
BA   III                             83           82        98.8 %
MA   I                                21           20        93.2 %

M.A. II                             21            19             90-5%

MA   II                              10           10        100 %
MA   III                             10          10        100 %

1.    विभाग द्वारा आयोजित अतिथि व्याख्यान (सत्र 2015-16)
(1)    डाॅ. आनन्द विष्वकर्मा – प्राचार्य – षास. महाविद्यालय बोरी द्वारा दिनांक 29/1/2016 को ‘‘आर्थिक विकास एवं राश्ट्रीय आय पर व्याख्यान दिया गया ।

(2) डाॅ. (श्रीमती) षिखा अग्रवाल प्राध्यापक अर्थषास्त्र षास.व्ही.वाई.टी कला एवं विज्ञान महाविद्यालय दुर्ग द्वारा दिनांक 22/2/2016 को ‘‘आर्थिक विकास की पर्यावरणीय लागत‘‘ पर छात्रों को संबोधित किया ।

(3)    डाॅ. (श्रीमती) निर्मला उमरे सहायक प्राध्यापक अर्थषास्त्र षास. षिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव द्वारा दिनांक 23/2/2016 को ‘‘चीनी अर्थव्यवस्था बनाम भारतीय अर्थव्यवस्था‘‘ पर व्याख्यान दिया ।

(4)    डाॅ. के.सी. जैन सेवानिवृत प्राध्यापक अर्थषास्त्र, डाॅ. हरीसिंह गौर विष्वविद्यालय सागर द्वारा ‘‘भूमि संसाधन की उपयोगिता तथा विकास‘‘ पर व्याख्यान दिया गया ।

षैक्षणेत्तर गतिविधि (2015-16)

एन.सी.सी.              UG  .  12      PG    .  Nil
एन.एस.एस.           UG  .  18      PG  .    04
वार्शिक खेलकूद       UG  .  17      PG  .    02

बाल मन की बात युवाओं के साथ कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित चित्रकता प्रतियोगिता में एम.ए. प्ट सेमेस्टर के छात्र दुश्यन्त श्रीवास ने प्रथम स्थान प्राप्त कर रू. 2100.00 नकद पुरस्कार प्राप्त किया ।
षिक्षक की योग्यता एवं उपलब्धि: (सत्र 2015-16)

क्र.          नाम                                   पद                       योग्यता                                  अकादमिक गतिविधि
1      डाॅ. आर.एन.सिंह                    प्राचार्य                 M.A. Ph. D.      (1) पं. रविषंकर षुक्ल  वि.वि. की विद्या समिति, क्रीडा समिति तथा एकेडमिक
स्टाफ कालेज के सदस्य (2) NAAC team के सदस्य मनोनीत
2    डाॅ.चन्द्रिका नाथवानी               प्राध्यापक            M.A. Ph. D.           शोध निर्देषक तथा शोध पत्रों का प्रकाषन षोध संगोश्ठी में सहभागिता
3    डाॅ.(श्रीमती) सुमीता श्रीवास्तव    सहा.प्रा.            M.A. NET(JRF)   शोध पत्रों का प्रकाषन शोध संगोश्ठी में सहभागिता
4    श्रीमती मीना प्रसाद                     सहा.प्रा.            MA , B Ed             शोध पत्रों का प्रकाषन शोध संगोश्ठी में सहभागिता

शोध गतिविधि: विभाग में 02 शोध निर्देषक हैं।
विभाग के प्राध्यापकों द्वारा 06 Major project तथा 04 Minor project पूर्ण किये गये हैं।

शोध सुविधाएँ: पुस्तकालय में शोध से संबंधी books उपलब्ध है। Research Journal मंगवाये जाते हैं।
Internet की सुविधा उपलब्ध है।SPSS Software उपलब्ध है।
शोध संगोश्ठी – विभाग द्वारा विगत 12 वर्शों में 05 शोध संगोश्ठी का आयोजन किया जा चुका है। सत्र 2014-15 में छ.ग. अर्थषास्त्र परिशद के 7वें सम्मेलन का आयोजन किया गया ।

दो दिवसीय संगोष्ठी सम्पन्न पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर हुआ मंथन

अर्थशास्त्र विभाग द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित दो दिवसीय शोध संगोष्ठी 20, 21 दिसम्बर 2017 को गरिमामय आयोजन के साथ सम्पन्न हुई।
डाॅ. केवलचंद जैन (पूर्व अध्यक्ष) सागर विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में अंतिम दिन डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना (वरिष्ठ चिकित्सक) रायपुर एवं केन्द्रीय वि.वि. बिलासपुर के डीन डाॅ. पी.के. वाजपेयी सहित नागपुर से पधारे विचारक श्री दयाशंकर तिवारी विशेष अतिथि/वक्ता के रूप में उपस्थित थे। इस सत्र में विचारक दयाशंकर तिवारी ने उपाध्याय जी के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर प्रभावी विचार व्यक्त किये। उन्होंने भारतीयता की नींव के रूप में संस्कृति को महत्वपूर्ण बताया। पुरूषोत्तम दास टंडन के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किस प्रकार उन्होंने हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा न मिलने के कारण कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।
इस संगोष्ठी में कुल चार विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित सामाजिक कार्यकत्र्ता, विचारक, प्राध्यापक एवं शोधार्थी न केवल सहभागी बने बल्कि अपने विचारों का आदान-प्रदान की किये। प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह एवं विभागाध्यक्ष डाॅ. चंद्रिका नाथवानी के मार्गदर्शन संयोजन में विभागीय प्राध्यापक डाॅ. डी.पी.कुर्रे, डाॅ. श्रीमती सुमीता श्रीवास्तव, डाॅ. महेश श्रीवास्तव, डाॅ. मीना प्रसाद ने अपने व्यक्तिगत चिंतन के आयोजन को उत्कृष्ट बनाया।
संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों का सफल संचालन डाॅ. सुमिता श्रीवास्तव ने किया। आभार प्रदर्शन डाॅ. महेश श्रीवास्तव एवं डाॅ. श्रीमती मीना प्रसाद द्वारा किया गया।