राज्य स्तरीय नेटबाल स्पर्धा

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय द्वारा राज्य स्तरीय नेटबाल स्पर्धा का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह, क्रीड़ा संयोजक डाॅ. शैलेन्द्र सिंह, अब्दुल अहमद, पूर्णिमालाल, श्रीमती रितु दुबे, श्री जावेद अहमद खान राष्ट्रीय खिलाड़ी तथा श्री जानकीशरण कुशवाहा थे। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत करके सफल खिलाड़ी बनकर राज्य एवं देश का नाम रोशन करे। डाॅ. शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि छ.ग. राज्य में खेल के क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। वे क्रीड़ा के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाकर अपना नाम रोशन कर सकते है। प्रतियोगिता का पहला मैच दिग्विजय कालेज और साजा कालेज के बीच खेला गया जिसमें दिग्विजय ने साजा को 14-5 से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में वैशाली नगर महाविद्यालय ने मंसा महाविद्यालय को 16-3 से पराजित कर दिया। फाइनल मैच दिग्विजय कालेज और वैशाली नगर के बीच खेला जायेगा। प्रतियोगिता के निर्णायक जानकीशरण कुशवाहा, ललित ठाकुर, भोजराज तथा चन्द्रेश देवांगन थे।
इस अवसर पर क्रीड़ाअधिकारी श्रीमती नीता नायर, परेश वर्मा, यशवंत देशमुख, रामू पाटिल थे। कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ाअधिकारी श्री अरुण चैधरी द्वारा किया गया।

मन तथा ध्यान पर व्याख्यान

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के दर्शन एवं योगविभाग द्वारा संचालित त्रैमासिक सर्टिफिकेटट् रेनिंग कोर्स ’’विभिन्न बीमारियों मेें प्रभावी योग एवं ध्यान पद्धतियाँ’’ (उपचार निदान एवं मार्गदर्शन) के तत्वधान में मन तथा ध्यान विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
विभागाध्यक्ष डाॅ. एच.एस. अलरेजा ने पधारे अतिथि व्याख्याता का परिचय देते हुए कहा कि हाउस वाईफ से मृत्युन्जय योग की संचालिका तक का सफर श्री मती मंजु झा का उल्लेखनीय है स्पीक मै केसे जुड़ कर मंजु झा मैडम ने देश-विदेश में योग प्र शिक्षण दिया है। आज दर्शन एवं योगविभाग के विद्यार्थियों को उनके अनुभव का लाभ प्राप्त होगा।
अतिथि व्याख्यान हेतु आमंत्रित श्री मती मंजु झा ने बतलाया कि जिन तत्वों से ब्राम्हाण्ड बना  है उन्हीतत्वों से हमारा शरीर भी बना है।शरीर में स्थित मन के अनेक रूप है यह अहंकार से  जुड़कर बाहर की सभी वस्तुओं को मैरा कहता है किन्तु यदि आंख बंद होजाए तो सब कुछ नियंत्रित होना प्रारम्भ हो जाता है। यही ध्यान की शुरूआत है।वैसे तो ध्यान का क्षेत्र वृहद है  कि पंचकोशो पर ध्यान केन्द्रित किया जाए तो यह ध्यानसंपूर्ण व्याक्तित्व और मन को नियंत्रित करने में सहायक  होता है।
उन्होने सदन में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को ध्यान का अभ्यास  करवाया तथा उनके द्वारा  पूछे गए प्रश्नों के उŸार दिए। उन की सहायिका सुश्री प्रीति उपस्थित थी।व्याख्यान का समापन योग प्र शिक्षिका डाॅ. नीरा सिंह के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। प्रो0 मीनाक्षी महोबिया, दर्शन एवं योग के अनेक विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।

दिग्विजय में मानव अधिकार दिवस पर ज्ञानवर्धक आयोजन

हिंदी विभाग में प्राध्यापक-पालक-विद्यार्थियों का सार्थक संवाद

मानव अधिकार आयोग की निबंध प्रतियोगिता में दिग्विजय के छात्र लक्ष्मण प्रथम

दिग्विजयदास स्मृति निबंध प्रतियोगिता में पुरे प्रदेश की उत्शाहपूर्वक भागीदारी

अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान समारोह

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय क्रीड़ा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों प्रीतम श्रीवास, हैलन बेरी, लीका चानू, रेणुका यादव तथा मृणाल चैबे का सम्मान किया गया। प्रारंभ में डाॅ. शैलेन्द्र सिंह द्वारा आयोजन पर प्रकाश डालते हुए सभी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का परिचय दिया गया। स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने कहा कि व्यक्तित्व विकास हेतु शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ खेल का भी महत्व है। इन खिलाड़ि़यों के जीवन से प्ररेणा ली जा सकती है। मृणाल चैबे ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी अपना महत्व है, आप किसी भी क्षेत्र में अपना लक्ष्य निर्धारण कर सफलता प्राप्त कर सकते है। रेणुका यादव ने कहा कि मेहनत करने से सफलता मिलती है, मेहनत करते समय असुविधाओं के अभाव का रोग नही होना चाहिए। अर्जुन एवार्ड तथा भारतीय टीम की गोलकीपर रही है। हैलन मेरी ने कहा कि आपको अपने उपर विश्वास रखना चाहिए सफलता के करीब आने पर भी कभी सफलता नही मिलता। उसे निराशा नही होना चाहिए, फिर से संघर्ष करने से सफलता मिलेगी। अर्जुन अवार्ड विजेता चानू ने कहा कि 2002 में कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना जीवन का यादगार पल था। मैने ग्रामीण परिवेश में रहकर हाॅकी को चुना और भारत का प्रतिनिधित्व करने को और उसमें सफलता प्राप्त की। अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तथा रेल्वे कोच प्रीतम श्रीवास ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए आपको कई कठनाईयों का सामना करना पडेगा। विशेषकर लड़कियों को घर, परिवार तथा समाज की कई कठिनाईयों का सामना करना पडता है। लेकिन आप ठान ले तो आपको सफलता अवश्य मिलेगा। उन्होने छात्राओं को सलाह दी कि वे घेरलू काम करके भी अपना फिटनेस बनाए रख सकते है। खिलाड़ियों के द्वारा विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया। इन खिलाड़ियों को क्रीड़ा संयोजक डाॅ. शैलेन्द्र सिंह द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। आभार प्रदर्शन क्रीड़ाअधिकारी श्री अरुण चैधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. एच.एस. अलरेजा, प्रो. हीरेन्द्र ठाकुर, प्रो. नूतन देवांगन, प्रो. संजय देवांगन, प्रो. अंजली धुव्र, प्रो. ललिता साहू, प्रो. युनूस रजा बेग, डाॅ. प्रियंका सिंह, रजिस्ट्रार श्री दीपक कुमार परगनिहा एवं श्री रामू पाटिल उपस्थित थे।

ईस्टजोन क्विज स्पद्र्धा हेतु दिग्विजय के 3 छात्र-छात्राओं को चयन

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के 3 छात्र-छात्राओं का चयन ईस्टजोन क्विज स्पद्र्धा हेतु दुर्ग विश्वविद्यालय की टीम के लिए किया गया। ये विद्यार्थी 7 जनवरी से 11 जनवरी 2019 तक संबलपुर विश्वविद्यालय, संबलपुर में विश्ववद्यिालय का प्रतिनिधित्व करेगे। चयनित छात्र नवजोत सिंह भाटिया एम.ए. प्रथम सेमेस्टर इतिहास, शशीकांत देवांगन एम.ए. प्रथम सेमेस्टर इतिहास तथा चेमीन वर्मा पीजीडीसीए की छात्रा है। नवजोत सिंह लगातार दूसरे वर्ष इस स्पद्र्धा में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगे।