समाज कार्य विभाग द्वारा विष्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यषाला का आयोजन किया गया।

षासकीय दिग्विजय महाविद्यालय समाज कार्य विभाग द्वारा प्राचार्य डाॅ. आर. एन. सिंह के निर्देषन एवं प्रो. विजय मानिकपुरी के मार्गदर्षन में एक दिवसीय  कैंसर दिवस पर जनजागरूकता एवं कार्यषाला का आयोेजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से डाॅ. अमृता भदौरिया चैहान (एम. डी), डाॅ. ज्ञानेष श्रीवास्तव मैटस युनिवर्सिटी रायपुर विभागाध्यक्ष, डाॅ. नाथवानी ( अवपबम चतपदबपचंस ), डाॅ. अनिता षंकर विभागाध्यक्ष, डाॅ. मीना प्रसाद विभागाध्यक्ष अर्थषास्त्र, प्रो. विजय मानिकपुरी समाज कार्य आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि डाॅ. अमृता भदौरिया चैहान ने कहा कि कैंसर रोग फैलाव का कारण एक गलत रहन-सहन धारना, मोबाइल से निकलने वाले रेडियेषन आदि अनेक कारणों से फैलते है। विष्व कैंसर दिवस का आयोजन 2006 में षुरूवात हुआ। पुरूशों में पांच प्रकार के कैंसर के बारे में बताया और महिलाओं में सात प्रकार के कैंसर होते है बताये। कैंसर रोग का निदान योगाभ्यास एवं विभिन्न प्रकार के उपायों के बारे में विस्तार से बताये गये। डाॅ. नाथवानी विभागाध्यक्ष (अर्थषास्त्र) ने बताये कि कैंसर के कारण लोग भयभीत हो जाते है। आधुनिक चिकित्सा के कारण इसका निदान ढूढ़ पाये है। डाॅ. ज्ञानेष श्रीवास्तव ने एक षोध के परिवेक्ष्य बताये कि 2020 तक कैंसर के मरीज 17 लाख तक बढ़ सकते है। कैंसर एक असाध्य रोग है। जो कि एक सामान्य व्यक्ति कैंसर से विजय पाना बहुत मुष्किल हो जाता है। छ.ग में पिछले तीन वर्शो में 25 प्रतिषत तक मरीज की वृद्धि हुई है मूंह का कैंसर का अधिक बढ़ोतरी हुई। गुड़ाखू के कारण मूंह का कैंसर और ट्यूमर का खतरा अधिक होता है। प्रो. विजय मानिकपुरी ने कहा कि कैंसर दिवस 1933 से विष्व कैंसर दिवस के रूप में मनानु का आयोजन षुरू हुआ कैंसर के बारे में सबसे पहले षिक्षित लोगों को जागरूक करना आवष्यक है इससे हमारे आसपास के व्यक्ति समाज, समुदाय में जाकर बिमारी के बारे में जानकारी देकर लोगों में जागरूकता लाना आवष्यक है कैंसर के कारण आज 40 लाख व्यक्ति भयावह के अकारण मौत होती है। आधुनिकता के दौर में युवा पीढ़ी तम्बाकू, सिगरेट को फैषन के रूप में करते है व्यक्ति के व्यवहार को परिवर्तन करना आवष्यक है आज भी भारत चिकित्सा में गरीबो का देष है। विद्यार्थियों को सभी के बीच जाकर जागरूकता फैलाना आवष्यक है। लोगों को समस्याओं को जानकर उनकी समाधान के उपायों के बारे में बताना चाहिये। ऐसे आयोजन हमेषा समय-समय पर होते रहना चाहिये।
कार्यक्रम में डाॅ. अमृता भदौरिया चैहान (एम.डी), डाॅ. अनिता षंकर (विभागाध्यक्ष अंग्रजी), डाॅ. ज्ञानेष श्रीवास्तव विभागाध्यक्ष मैटस युनिवर्सिटी रायपुर, प्रो. नूतन देवांगन, प्रो. संजय देवांगन. प्रो. ललिता साहू, प्रो. विजय मानिकपुरी, श्री. हरीष चन्द्राकर एवं समाज कार्य के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।