दिग्विजय महाविद्यालय में वन्य जीवन पर राष्ट्रिय सेमिनार संपन्न

दिनांक 30 व 31.01.2019 को आयोजित राष्ट्रिय सेमिनार का समापन हुआ इस सेमिनार का विषय था वन्य जीवन इसकी प्रकृति ह्नास और वन्य जीव संरक्षण भारत के संदर्भ में। इसका आयोजन प्राणीशास्त्र विभाग एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आर्गेनाजर डा. संजय ठिसके ने जानकारी देते हुये बताया की उद्ाघटन सत्र में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. एम.पी. गुप्ता सेवानिवृत प्राध्यापक भूगोल पं. रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर, कार्यक्रम की अध्यक्षा डा. हेमलता महोबे सेवानिवृत प्राचार्य शासकिय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव, विशेष अतिथि डा. एच.एस. गुप्ता प्राध्यापक भूगोल रोहतक वि.वि. हरियाणा एवं की नोट स्पीकर प्रो. एन. के.बघमार प्राध्यापक एस.ओ.एस. विभागाध्यक्ष भूगोल उपस्थित थे। अतिथियो का स्वागत करते हुये महाविद्यालय कि प्रभारी प्राचार्या डा. चन्द्रिका नाथवानी ने वन्य जीवो और उसके महत्व को प्रस्तुत किया और कहा कि इस सेमिनार में आये हुये प्राध्यापको में होने वाले विचार विमर्श निश्चित ही किसी महत्वपूर्ण परिणाम को प्राप्त होंगे।
कि नोट स्पीकर के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत करते हुये डा. बघमार ने छत्तिसगढ में हाथियो के भ्रमण उनके कारण उनसे होने वाले नुकसान को विस्तार से बताया। इन्होने हाथियो के ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश करने के कारणों पर भी प्रकाश डाला।
इसी क्रम में श्री एस.पी. यादव आई .एफ.एस. उत्तर प्रदेश शासन जो प्रोजक्ट टाइगर में अपनी सेंवाये दे चुके है विस्तार से शेर कि जनसंख्या कि गणना,इनकी संख्या में कमी किन कारकों से उन्हे खतरा है इन ेसभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुये। उपस्थित प्राघ्यापके से अपने विचार को साझा किया।
सेमिनार के दूसरे दिन साकोली से पधारें एसोसियेट प्राध्यापक डा. एल.पी. नागपुरकर , शास. नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय रायपुर से आमंतत्रित प्राणी शास्त्र कि प्राध्यापिका डा. रेनु माहेश्वरी और डा. एस. के जाधव विभागाध्यक्ष बायोटेक्नालजी पं रविशंकर शुक्ल वि. वि. रायपुर ने वन्य जिवन और इनसे जुडे विषयो जैस वन्य जीवों कि समाप्त होती प्रजातियां उनका संरक्षण तथा बाघों के महत्व जैसे महत्वपुर्ण विषयों ंपर अपने विचार प्रस्तुत किये।
इस सेमिनार में प्रदेश के विभिन्न संस्थाओं से आमंत्रित प्रध्यापकों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया। इनमें प्रमुख थे कु. श्वेता , कुं अंकित कु. गरिमा और एन. आई. टी. तृतिय सेमेस्टर की छात्रा कु. जागृति ठिसके। संस्था के प्रार्चाय डा. आर. एन. सिंह ने इस सफल आयेाजन के लिये प्राणीशास्त्र और भुगोल विभाग को बधाई दी और शुभकामना देते हुये कहा कि भविष्य में दोनो विभाग इसी तरह के अंर्तविषयक कार्यक्रम आयोजित करते रहेगें।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक विभागों के प्राध्यापकों के द्वारा यह निर्णय लिया गया कि आने वाले शैक्षणिक सत्र के में महाविद्यालय कि वन्य जिव संरक्षण समिति गठित कि जावेगी और यह समिति इसी तरह के छोटे छोटे कार्यक्रमों के द्वारा ग्रामीण अंचलो में सुरक्षित वन्य जीव सुरक्षीत पृथ्वी के अपने उद्येश्य को प्रचारीत प्रसारित करेगी कार्यक्रम यह निष्कर्श प्राचार्य डा. आर. एन. सिहं के सामने प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर वन्य जिवों से संबधित पोस्टर पर्दशनी का भी आयोजन किय गया। कार्यक्रम मे डा अनिता महिश्वर सोनल मिश्रा , प्रो. त्रिलोक देव प्रो. प्रमोद महिष डा. सिमा ़ित्रपाठी तथा दोनो विभाग के विभागध्यक्ष श्रीमती उषा ठाकुर एवं डा. के. एन. प्रसाद भी उपस्थित थे।