अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान समारोह

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय क्रीड़ा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों प्रीतम श्रीवास, हैलन बेरी, लीका चानू, रेणुका यादव तथा मृणाल चैबे का सम्मान किया गया। प्रारंभ में डाॅ. शैलेन्द्र सिंह द्वारा आयोजन पर प्रकाश डालते हुए सभी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का परिचय दिया गया। स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने कहा कि व्यक्तित्व विकास हेतु शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ खेल का भी महत्व है। इन खिलाड़ि़यों के जीवन से प्ररेणा ली जा सकती है। मृणाल चैबे ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी अपना महत्व है, आप किसी भी क्षेत्र में अपना लक्ष्य निर्धारण कर सफलता प्राप्त कर सकते है। रेणुका यादव ने कहा कि मेहनत करने से सफलता मिलती है, मेहनत करते समय असुविधाओं के अभाव का रोग नही होना चाहिए। अर्जुन एवार्ड तथा भारतीय टीम की गोलकीपर रही है। हैलन मेरी ने कहा कि आपको अपने उपर विश्वास रखना चाहिए सफलता के करीब आने पर भी कभी सफलता नही मिलता। उसे निराशा नही होना चाहिए, फिर से संघर्ष करने से सफलता मिलेगी। अर्जुन अवार्ड विजेता चानू ने कहा कि 2002 में कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना जीवन का यादगार पल था। मैने ग्रामीण परिवेश में रहकर हाॅकी को चुना और भारत का प्रतिनिधित्व करने को और उसमें सफलता प्राप्त की। अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तथा रेल्वे कोच प्रीतम श्रीवास ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए आपको कई कठनाईयों का सामना करना पडेगा। विशेषकर लड़कियों को घर, परिवार तथा समाज की कई कठिनाईयों का सामना करना पडता है। लेकिन आप ठान ले तो आपको सफलता अवश्य मिलेगा। उन्होने छात्राओं को सलाह दी कि वे घेरलू काम करके भी अपना फिटनेस बनाए रख सकते है। खिलाड़ियों के द्वारा विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया। इन खिलाड़ियों को क्रीड़ा संयोजक डाॅ. शैलेन्द्र सिंह द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। आभार प्रदर्शन क्रीड़ाअधिकारी श्री अरुण चैधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. एच.एस. अलरेजा, प्रो. हीरेन्द्र ठाकुर, प्रो. नूतन देवांगन, प्रो. संजय देवांगन, प्रो. अंजली धुव्र, प्रो. ललिता साहू, प्रो. युनूस रजा बेग, डाॅ. प्रियंका सिंह, रजिस्ट्रार श्री दीपक कुमार परगनिहा एवं श्री रामू पाटिल उपस्थित थे।